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ब्रह्माण्ड की विशिष्ट संरचना का रचित, निर्मित, उत्पन्न या पैदा होना। ब्रह्माण्ड की गणितीय अवधारणा को जन्म देना है। ब्रह्माण्ड की विशिष्ट संरचना को समझते हुए बहुत से गणितज्ञ और वैज्ञानिकों ने संभावना जताई है कि इसको बनाने, निर्मित करने या पैदा करने वाला अवश्य ही एक गणितज्ञ होगा। क्योंकि इसकी संरचना समझने योग्य है। जिसे सूत्रों, ज्यामिति संरचनाओं और गणितीय नियमों में बांधा जा सकता है। इसका निर्माण एक सुनियोजित तरीके को दर्शाता है।

"फिर भी प्रकृति, गणितीय नियम में न चलकर भौतिकी के नियमों का अनुसरण करती है।"


आधारभूत ब्रह्माण्ड के बारे में

आधारभूत ब्रह्माण्ड, एक ढांचा / तंत्र है। जिसमें आयामिक द्रव्य की रचनाएँ हुईं। इन द्रव्य की इकाइयों द्वारा ब्रह्माण्ड का निर्माण हुआ। आधारभूत ब्रह्माण्ड के जितने हिस्से में भौतिकता के गुण देखने को मिलते हैं। उसे ब्रह्माण्ड कह दिया जाता है। बांकी हिस्से के कारण ही ब्रह्माण्ड में भौतिकता के गुण पाए जाते हैं। वास्तव में आधारभूत ब्रह्माण्ड, ब्रह्माण्ड का गणितीय भौतिक स्वरुप है।
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